निरंकुश राज्य का सिद्धान्त के लिए ...

द्वैतवाद से... धर्म, जाति, स्थिति, विश्वासों, भाषा या किसी अन्य लेबल आप के लिए एक बाधा नहीं बन जाना चाहिए| क्योंकि अगर कोई है जो सत्य की खोज में हैं|उनके लिए यह सब रुकावट बन जायेंगे| इसलिए हम सब के लिए केवल मनुष्य होना बहुत ज़रूरी हैं|सच तो यह है कि हम विश्वास करे या न करे सच बदलते नहीं है|चलो सच्चाई का पता लगाने के लिए